झारखंड के धनबाद सहित कई जिलों में अपराध की सौदेबाजी कर रहे फरार गैंगस्टर प्रिंस खान का वासेपुर स्थित पैतृक घर अब खंडहर में तब्दील हो चुका है। धनबाद पुलिस ने उसके आर्थिक तंत्र को चूर करने के लिए चौतरफा घेराबंदी तेज कर दी है। एक बार फिर कुर्की की कार्रवाई में पुलिस ने घर की छत का शेड तक कटवा लिया।
कुर्की से संपत्ति जब्त, गुर्गे जेल की सलाखों के पीछे
धनबाद पुलिस प्रिंस खान के प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष समर्थकों को सलाखों के पीछे पहुंचा रही है। अब तक चल संपत्ति,खिड़की-दरवाजे और अब छज्जा तक जब्त हो चुके हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार और भी मामलों में कुर्की की तैयारी चल रही है। बैंक मोड़ थाने के आर्म्स एक्ट मामले में यह ताजा कार्रवाई हुई। पुलिस को खबर है कि प्रिंस के खाली घर में उसके गुर्गे रात में अड्डेबाजी करते हैं।
प्रिंस खान 24 नवंबर 2021 को वासेपुर में नन्हे की हत्या के मामले में नामजद आरोपी बना। उसके बाद वह धनबाद छोड़ भागा। आरोप है कि बैंक मोड़ पुलिस को चकमा देकर उसने पासपोर्ट बनवाया। फरारी के बावजूद वह विदेश से कारोबारियों को रंगदारी की धमकी, फायरिंग और बमबाजी कराता रहा, जिसके चलते उसके खिलाफ लगातार केस दर्ज होते रहे। वीजा ओवरस्टे पर वह पाकिस्तान या खाड़ी देश भागा बताया जा रहा है।
रांची से पार्टनर गिरफ्तार
पुलिस ने हाल ही रांची से प्रिंस का मजबूत पार्टनर पकड़ा। एसएसपी प्रभात कुमार ने पहले ही उसके दो दर्जन गुर्गों को जेल भेजा। धनबाद पुलिस उसके नेटवर्क पर चौकस नजर रखे हुए है। हालांकि, वासेपुर का मोस्ट वांटेड प्रिंस अब धनबाद पुलिस, ATS और सेंट्रल एजेंसियों के लिए चुनौती बना हुआ है।
सेंट्रल (CBI/NIA/Interpol) और स्टेट एजेंसियां रेड कॉर्नर नोटिस, MLAT संधि और खुफिया ट्रैकिंग से प्रिंस को वापस लाने की योजना में जुटी हैं। आर्थिक दबाव बढ़ाकर गुर्गों से सुराग लिया जा रहा। सफलता के कई उदाहरण मौजूद।धनबाद पुलिस का संकल्प साफ है – प्रिंस का साम्राज्य पूरी तरह ढहाया जाएगा।
रिपोर्ट- कुंदन सिंह, धनबाद
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